
अंबेडकरनगर। बसखारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। अस्पताल में स्टाफ नर्सों की मनमानी, ड्यूटी रोस्टर का पालन न होना और मरीजों के प्रति लापरवाही की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार अस्पताल में कई बार स्टाफ नर्सें निर्धारित समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचतीं। इससे मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर नवजात शिशु इकाई (एनबीएसयू) में बताई जा रही है, जहां समय पर स्टाफ न मिलने से नवजातों और प्रसूताओं की देखभाल प्रभावित हो रही है।
डिलीवरी में वसूली के आरोप
सूत्रों के मुताबिक अस्पताल में प्रसव के दौरान अवैध वसूली की शिकायतें भी सामने आई हैं। आरोप है कि कुछ कर्मचारियों द्वारा प्रसव सेवाओं के बदले सुविधा शुल्क लिया जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मजबूरी में भुगतान करना पड़ता है।
हालांकि लोग खुलकर शिकायत करने से बचते हैं, क्योंकि उन्हें इलाज में लापरवाही का डर बना रहता है।
रात में और बिगड़ते हालात
तीमारदारों का कहना है कि रात के समय अस्पताल की स्थिति और खराब हो जाती है। कई बार वार्डों में स्टाफ मौजूद नहीं रहता, जिससे मरीजों को खुद कर्मचारियों की तलाश करनी पड़ती है। आवश्यक जांच और उपचार के लिए भी मरीजों को भटकना पड़ता है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। बसखारी सीएचसी में व्यवस्थाओं की कमी से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
लोगों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से पूरे मामले की जांच कराने और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही ड्यूटी रोस्टर का सख्ती से पालन, नियमित निगरानी और अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग उठाई गई है।









