आगरा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी मामले की जांच को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम मंदिर और साधुओं की जांच कराने का निर्णय बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह सनातन धर्म का अपमान है।
अखिलेश यादव ने कहा कि अगर कोई समस्या है तो उसे कैमरे और सार्वजनिक जांच के बजाय आपसी बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए और चढ़ावा वापस रख देना चाहिए, जिससे प्रभु श्रीराम भी माफ कर देंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “कैमरे और लाइट बंद कर दो, अपने आप चढ़ावा रख दिया जाएगा।”
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर में कथित चोरी के मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है, जिसमें लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत (IAS), किरण एस. (IPS, आईजी रेंज) और नीलरतन (विशेष सचिव, वित्त) को शामिल किया गया है।
अखिलेश यादव आगरा में विजन इंडिया कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मंत्री भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग मिलने पर भी तंज कसा।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े नेता को “सूक्ष्म” विभाग दिया गया, वह भी ऐसे समय में जब उसमें कोई बजट नहीं है।
समय से पहले विधानसभा चुनाव की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जो सरकार प्रधानी के चुनाव तक नहीं करा पा रही, वह नवंबर में चुनाव कैसे कराएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समाजवादियों की रणनीति जानने के लिए भ्रम फैला रही है, लेकिन सपा अपनी रणनीति साझा नहीं करेगी। उन्होंने दावा किया कि यूपी के विकास का रास्ता समाजवादी ही निकालेंगे।









