नई दिल्ली। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां पहचानने के लिए इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर की जानकारी देने से चुनाव आयोग ने इनकार कर दिया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सूचना के अधिकार (RTI) के तहत पूछे गए सवालों के जवाब में आयोग ने कहा कि सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी ट्रेड सीक्रेट और बौद्धिक संपदा से संबंधित है, इसलिए इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। आयोग ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि मतदाता सूची की जांच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या मशीन लर्निंग का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।
पांच सवालों पर चुनाव आयोग ने क्या जवाब दिया?
1. सॉफ्टवेयर का नाम और वर्जन
आयोग ने सॉफ्टवेयर का नाम और वर्जन बताने से इनकार किया। रिपोर्ट के अनुसार, इसके लिए RTI कानून की धारा 8(1)(d) का हवाला दिया गया, जो वाणिज्यिक विश्वास, व्यापार रहस्य और बौद्धिक संपदा से जुड़ी कुछ सूचनाओं को छूट देती है। आयोग ने यह भी कहा कि SIR के लिए न तो नया सॉफ्टवेयर बनाया गया और न ही खरीदा गया।
2. क्या सॉफ्टवेयर खुद गड़बड़ियां पहचानता है?
इस सवाल पर आयोग ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उसने इसे स्पष्टीकरण मांगने वाला प्रश्न बताते हुए RTI कानून की धारा 2(f) का हवाला दिया। यह धारा सूचना की परिभाषा से संबंधित है और सामान्यतः सार्वजनिक प्राधिकरण को नई व्याख्या या स्पष्टीकरण तैयार करने के लिए बाध्य नहीं करती।
3. AI और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल हुआ या नहीं?
आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि मतदाता सूची में संभावित गड़बड़ियां पहचानने के लिए AI, मशीन लर्निंग या प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। इससे सॉफ्टवेयर की तकनीकी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल बने हुए हैं।
4. क्या सॉफ्टवेयर अपने आप नाम हटा सकता है?
आयोग ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का फैसला संबंधित क्षेत्र का निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर करता है। हालांकि, सॉफ्टवेयर की ओर से रिकॉर्ड चिह्नित किए जाने और अंतिम फैसले के बीच उसकी भूमिका को लेकर आयोग ने अलग से विस्तृत जानकारी नहीं दी।
5. चिह्नित रिकॉर्ड की समीक्षा और मंजूरी कौन करता है?
इस सवाल के जवाब में आयोग ने RTI कानून की धारा 8(1)(g) का हवाला दिया। साथ ही बताया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13B(1) और 13B(2) के तहत संबंधित विधानसभा क्षेत्र के ERO की मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन की जिम्मेदारी होती है।









