
कर्नाटक की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की। माना जा रहा है कि विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो वह 1 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। उनके साथ नए मंत्रिमंडल के गठन की भी संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार नई सरकार में चार उपमुख्यमंत्री भी बनाए जा सकते हैं। हालांकि किसी राज्य में एक साथ कई उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का यह पहला मामला नहीं होगा। इससे पहले आंध्र प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने पांच उपमुख्यमंत्रियों के साथ शपथ ली थी।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 28 मई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के अगले दिन वह दिल्ली पहुंचे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा की।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक शनिवार शाम 4 बजे बेंगलुरु स्थित विधानसभा परिसर में आयोजित की गई है। पार्टी ने केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि सिद्धारमैया स्वयं डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय बैठक में आम सहमति बनने के बाद ही लिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि यदि डीके शिवकुमार के नाम पर सहमति नहीं बनती है तो पार्टी अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकती है। वहीं कांग्रेस नेतृत्व संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधने की कोशिश में जुटा हुआ है।









