अंबेडकरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय उर्वरक समिति और धरती माता बचाओ समिति की बैठक जिलाधिकारी ईशा प्रिया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में उर्वरक वितरण व्यवस्था, उपलब्धता और निगरानी पर विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जमाखोरी, कालाबाजारी और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को उर्वरक के लिए किसी भी स्थिति में परेशान न होना पड़े।
फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य, बिना रजिस्ट्री नहीं मिलेगा खाद
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसानों को केवल फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। जिन किसानों की रजिस्ट्री नहीं बनी है, उनकी प्रक्रिया पंचायत सहायक, जन सेवा केंद्र या कृषि विभाग के कर्मचारियों के माध्यम से तत्काल पूरी कराई जाए। उन्होंने कहा कि खाद वितरण में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जनपद में पर्याप्त उर्वरक भंडार
जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी ने बताया कि जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। जून माह तक यूरिया का लक्ष्य 7135 मीट्रिक टन के सापेक्ष 22505 मीट्रिक टन, डीएपी 2650 के सापेक्ष 5840 मीट्रिक टन, एनपीके 484 के सापेक्ष 3451 मीट्रिक टन, एसएसपी 3427 के सापेक्ष 16359 मीट्रिक टन और एमओपी 296 के सापेक्ष 153 मीट्रिक टन उपलब्ध कराया गया है।
वर्तमान में वितरण के बाद भी सहकारिता और निजी क्षेत्र में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। यूरिया 19801 मीट्रिक टन, डीएपी 4879 मीट्रिक टन, एनपीके 3244 मीट्रिक टन, एसएसपी 15523 मीट्रिक टन और एमओपी 127 मीट्रिक टन उपलब्ध बताया गया।
वितरण में तय सीमा और फेजिंग व्यवस्था
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि एक किसान को प्रति हेक्टेयर अधिकतम डीएपी 5 बोरी और यूरिया 7 बोरी दी जाएगी। यूरिया का वितरण एक साथ न करके फेजिंग के अनुसार बेसल और दो टॉप ड्रेसिंग में किया जाएगा।









