
Taiwan ने शेयर बाजार की कुल वैल्यू यानी मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में India को पीछे छोड़ दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में बढ़ती मांग और दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी Taiwan Semiconductor Manufacturing Company (TSMC) के शेयरों में आई तेज उछाल ने ताइवान के बाजार को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।
Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार तक ताइवान के शेयर बाजार का कुल मार्केट कैप 4.95 ट्रिलियन डॉलर (करीब 415 लाख करोड़ रुपए) पहुंच गया। वहीं भारत का मार्केट कैप घटकर 4.92 ट्रिलियन डॉलर (करीब 413 लाख करोड़ रुपए) रह गया। इसके साथ ही ताइवान दुनिया के टॉप-5 शेयर बाजारों में शामिल हो गया है।
TSMC बनी ताइवान की सबसे बड़ी ताकत
ताइवान के शेयर बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा योगदान TSMC का माना जा रहा है। ताइवान के मुख्य शेयर इंडेक्स में अकेले कंपनी की हिस्सेदारी करीब 42% है। AI तकनीक में इस्तेमाल होने वाले सेमीकंडक्टर्स और एडवांस चिप्स की वैश्विक मांग बढ़ने से इस साल कंपनी के शेयरों में करीब 49% की तेजी दर्ज की गई है।
TSMC दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों को चिप्स सप्लाई करती है और AI इंडस्ट्री के विस्तार का सीधा फायदा कंपनी को मिल रहा है। इससे ताइवान के पूरे बाजार का मूल्य तेजी से बढ़ा है।
नए निवेश नियमों से बाजार को मिला सहारा
ताइवान के रेगुलेटर ने हाल ही में निवेश नियमों में बदलाव करते हुए घरेलू फंड्स को बड़ी कंपनियों में अधिक निवेश की अनुमति दी है। नए नियमों के तहत अब कोई फंड अपनी नेट एसेट का 25% तक किसी एक कंपनी में निवेश कर सकता है, जबकि पहले यह सीमा 10% थी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल सिर्फ TSMC ही इस नए मानक को पूरा करती है। JPMorgan Chase का अनुमान है कि इस बदलाव से ताइवान के बाजार में करीब 6 अरब डॉलर यानी लगभग 50 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त निवेश आ सकता है।









