अंबेडकरनगर। टांडा के अलीगंज स्थित सालारगढ़ मैदान में रविवार रात ‘एक शाम शहीदों के नाम’ मुशायरा एवं कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें शायरों और कवियों ने अपनी रचनाओं के जरिए देश के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कलाम के माध्यम से देशभक्ति, आपसी भाईचारे, एकता और सामाजिक सौहार्द का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में देर रात तक शेरो-शायरी का दौर चलता रहा।
मोहम्मद शफी नेशनल इंटर कॉलेज, हंसवर के शिक्षक और साहित्यप्रेमी मोहम्मद असलम खान के संरक्षण में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता जफर हयात ने की। कुमैल डोंडवी ने संचालन किया। टांडा विधायक राममूर्ति वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
शायरों ने कलाम से बांधा समां
मुशायरे में शायरा चांदनी शबनम ने अपने शेरों के जरिए प्रेम की भावनाएं व्यक्त कीं। अली बाराबंकवी ने बड़े भाई के सहारे और उसके महत्व को अपनी रचना में पिरोया। इंसाफ टांडवी ने वतन के प्रति समर्पण को शब्द दिए। उनकी पंक्तियों में देश के प्रति प्रेम और कुर्बानी का भाव दिखा।
कुमैल सिद्दीकी ने अपनी रचना के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक हकदारों तक पहुंचने का सवाल उठाया। हकीम इरफान आजमी ने रिश्तों की जटिलताओं को शायरी में बयां किया। श्रोताओं ने रचनाओं पर तालियां बजाकर शायरों और कवियों का उत्साह बढ़ाया।









