अंबेडकरनगर। भीटी थाना क्षेत्र में जमीन सौदे को लेकर ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें कागजों पर करोड़ों का लेनदेन दिखाया गया, लेकिन वास्तविक भुगतान बेहद कम होने का आरोप है। तीन बीघा कृषि भूमि के बैनामे में कथित धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की शिकायत पर डीआईजी के आदेश के बाद पुलिस ने तीन नामजद और तीन अज्ञात समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सौदे की परतें: कीमत करोड़ों में, भुगतान ‘कागजों तक सीमित’
महरुआ क्षेत्र के जलालपुर सेहरा गांव निवासी सूर्यनरायन चौबे ने आरोप लगाया है कि उनकी तीन बीघा जमीन का सौदा 36 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से तय हुआ था। कुल कीमत लगभग 1.08 करोड़ रुपये बनती है। आरोप है कि वास्तविक भुगतान में केवल 5 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए और 30 हजार रुपये नकद दिए गए।
इसके बाद लोन प्रक्रिया के नाम पर 3 लाख रुपये वापस लेने का भी आरोप है, जबकि शेष राशि का भुगतान नहीं हुआ।
‘फाइलों का सच’ और फर्जी चेक का दावा
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दस्तावेजों में कई चेक के जरिए भुगतान दिखाया गया है, जिनमें 8 लाख, 5 लाख, 8 लाख और 4 लाख रुपये शामिल हैं। इन सभी चेकों को पीड़ित ने फर्जी बताया है। साथ ही बैंक पासबुक भी आरोपितों के पास होने का दावा किया गया है।
आरोप यह भी है कि एक चेक के साथ फोटो और वीडियो बनाकर भुगतान प्रक्रिया को वास्तविक दिखाने की कोशिश की गई, जबकि जमीन मालिक को वास्तविक लाभ नहीं मिला।
शिकायत के बाद डीआईजी स्तर से हस्तक्षेप
पीड़ित ने पहले स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद मामला डीआईजी तक पहुंचा, जहां से भीटी पुलिस को तत्काल केस दर्ज करने के निर्देश मिले। आदेश के बाद मुकदमा दर्ज किया गया।









