अम्बेडकरनगर। जहांगीरगंज क्षेत्र के ग्राम उमरी जलाल में बुधवार को गोंड वीरांगना महारानी दुर्गावती का बलिदान दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और उनके शौर्य, त्याग तथा संघर्ष को याद किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत भुजिया माता स्थान के निकट राम उदय धुरिया के आवास पर हुई। यहां महारानी दुर्गावती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें उनके जीवन पर विस्तार से चर्चा हुई।
महारानी दुर्गावती के जीवन से मिलती है प्रेरणा
मुख्य अतिथि सुभासपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार गोंड ने कहा कि महारानी दुर्गावती ने अपने राज्य और सम्मान की रक्षा के लिए अंतिम समय तक संघर्ष किया। उनका जीवन साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक है।
वक्ताओं ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और समाज को संघर्ष की दिशा दी। उनके बलिदान को इतिहास की महत्वपूर्ण विरासत बताया गया।
शिक्षा और सामाजिक जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज की प्रगति के लिए शिक्षा, संगठन और जागरूकता को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता और सहयोग से ही विकास संभव है।
युवाओं से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और सकारात्मक बदलाव में भागीदारी बढ़ाने की अपील की गई।
समाज में एकता और सेवा का संदेश
गोष्ठी में मौजूद लोगों ने समाज में सहयोग, संवाद और नेतृत्व को मजबूत करने पर बल दिया। साथ ही सामाजिक उत्थान के लिए संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर चर्चा हुई।









