नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपने बयान को लेकर अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल, थरूर ने 21 जून को श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट कर जम्मू-कश्मीर के हालात में सुधार को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की।
थरूर ने लिखा कि उन्होंने उपराज्यपाल से जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति और हालात में आ रहे सुधार पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, लेकिन इस दौरे के बाद वह पहले की तुलना में ज्यादा सकारात्मक महसूस कर रहे हैं।
थरूर के इस बयान पर कांग्रेस के भीतर ही विरोध के स्वर उठने लगे। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने कहा कि थरूर को कश्मीर के आम लोगों से भी मिलना चाहिए था, ताकि वे वहां की जमीनी स्थिति को बेहतर तरीके से समझ पाते।
दरअसल, कांग्रेस लंबे समय से केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य नहीं कर पाने का आरोप लगाती रही है। साथ ही पार्टी अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने का भी विरोध करती रही है। ऐसे में थरूर का यह बयान पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग माना जा रहा है।
वहीं भाजपा ने थरूर के बयान का समर्थन करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। भाजपा प्रवक्ता अभिजीत जसरोटिया ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद पत्थरबाजी की घटनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं और सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 18 महीनों में कोई भी कश्मीरी युवा आतंकवादी संगठनों में शामिल नहीं हुआ है।









