शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही भारी बारिश और बर्फ पिघलने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कांगड़ा, चंबा और सिरमौर समेत कई जिलों में बारिश ने तबाही मचाई है। कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जबकि बाढ़ और भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
लाहौल-स्पीति जिले के जहालमा नाले में बर्फ पिघलने से आई बाढ़ के कारण सड़क का एक हिस्सा बह गया। सड़क संपर्क टूटने के बाद एक मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए जेसीबी की बकेट में बैठाकर नदी पार कराई गई। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसने पहाड़ी क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की चुनौतियों को उजागर किया है।
राज्य में सबसे अधिक वर्षा सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में 100.4 मिलीमीटर और सोलन जिले के कसौली में 86 मिलीमीटर दर्ज की गई। वहीं किन्नौर जिले के लिप्पा गांव में देर रात हुई भारी बारिश के बाद पेजर खड्ड में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे एक पुल और तीन से चार मकानों पर खतरा मंडराने लगा है।
किन्नौर के रिस्पा गांव को जोड़ने वाली सड़क भी चेरंग खड्ड के तेज बहाव में बह गई, जिससे ग्रामीणों का संपर्क प्रभावित हुआ है। इसके अलावा कांगड़ा और चंबा जिलों में भी रातभर लगातार तेज बारिश होती रही, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव और आवागमन प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के निचले और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कुल्लू और सोलन जिलों में यलो अलर्ट जारी है।

