लखनऊ। लखनऊ में निवेश के नाम पर लोगों को ठगने और लूटपाट करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में यूपी पुलिस के एक सिपाही समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने निवेश पर कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर दो व्यक्तियों को बुलाया और उनसे पांच लाख रुपये लूट लिए। विरोध करने पर पीड़ितों के साथ मारपीट भी की गई।
पुलिस के अनुसार, वृंदावन कॉलोनी निवासी प्रभाकर सिंह की शिकायत पर 11 जून को चिनहट कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि उनके भाई दिवाकर सिंह और उनके मित्र अनूप शुक्ला को एक निजी कंपनी में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया गया था। जब दोनों निवेश के लिए रकम लेकर पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें बंधक बनाकर नकदी छीन ली और मारपीट की।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे खुद को पुलिस की विभिन्न शाखाओं का अधिकारी बताकर लोगों को डराते-धमकाते थे और उनसे पैसे ऐंठते थे। कई मामलों में लूटपाट की घटनाओं को भी अंजाम दिया गया।
डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा ने बताया कि मामले की जांच में CRPF के एक दरोगा जय प्रकाश यादव की संलिप्तता भी सामने आई है। वह फिलहाल फरार है। उसके साथ आनंद दुबे नामक एक अन्य आरोपी की भी तलाश की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोरखपुर निवासी जावेद हुसैन और आसिफ, संतकबीरनगर निवासी प्रवेश त्रिपाठी तथा राजस्थान निवासी पूरन सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी को हरदासीखेड़ा नहर पुलिया के पास से 12 जून की रात गिरफ्तार किया।









