अम्बेडकरनगर। टांडा विकासखंड की ग्राम पंचायत अवसानपुर में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय निर्माण की धनराशि में अनियमितता के मामले में तत्कालीन ग्राम प्रधान रेखा वर्मा ने शनिवार को सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
यह मामला वर्ष 2014-15 में ग्राम पंचायत में हुए शौचालय निर्माण कार्य से जुड़ा है। शिकायत के बाद हुई जांच में निर्माण कार्यों और स्वीकृत धनराशि का सत्यापन कराया गया था।
लक्ष्य से कम मिले शौचालय, 51.60 लाख की धनराशि पर उठे सवाल
जांच के दौरान ग्राम पंचायत में 818 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित था। सत्यापन में 388 शौचालय ही निर्मित पाए गए।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, शेष 430 शौचालयों के लिए स्वीकृत 51.60 लाख रुपये की धनराशि का हिसाब नहीं मिल सका। उस समय प्रत्येक शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की धनराशि निर्धारित की गई थी।
पूर्व प्रधान की शिकायत के बाद शुरू हुई थी पड़ताल
ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान वंशराज वर्मा की शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई थी। जांच समिति ने मौके पर जाकर शौचालयों की स्थिति और संबंधित अभिलेखों की पड़ताल की।
जांच में तत्कालीन ग्राम प्रधान रेखा वर्मा, पंचायत सचिव जसवंत कुमार और विनोद कुमार गुप्ता को अनियमितता के लिए जिम्मेदार बताया गया था।
जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय की ओर से कई बार संबंधित लोगों से लाभार्थियों की सूची और अन्य दस्तावेज मांगे गए थे। लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की गई।









