तेल अवीव। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले से पहले इजराइल को संभावित खतरे को लेकर कई चेतावनियां मिलने की बात सामने आई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र ने जून 2023 से लेकर हमले से करीब 48 घंटे पहले तक इजराइल को गाजा की बिगड़ती स्थिति को लेकर आगाह किया था। रिपोर्ट में मिस्र के तत्कालीन खुफिया प्रमुख अब्बास कामेल की ओर से इजराइली अधिकारियों तक चेतावनी पहुंचाए जाने की बात कही गई है।
जून से मिल रही थीं चेतावनियां
रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र ने जून 2023 में ही इजराइल को गाजा की स्थिति बिगड़ने की आशंका बताई थी। काहिरा ने इजराइल से हमास के साथ बंधकों और कैदियों की अदला-बदली को लेकर बातचीत फिर शुरू करने की सलाह भी दी थी।
सितंबर में इजराइल पहुंचे थे अब्बास कामेल
सितंबर 2023 में मिस्र के खुफिया प्रमुख अब्बास कामेल इजराइल पहुंचे थे। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इजराइली अधिकारियों को गाजा की गंभीर स्थिति और बड़े संकट की आशंका से अवगत कराया था। हालांकि, इन चेतावनियों में हमले की सटीक तारीख या उसके पैमाने की जानकारी नहीं दी गई थी।
हमले से 48 घंटे पहले तक चेतावनी का दावा
WSJ की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र की ओर से चेतावनी का सिलसिला हमले से करीब 48 घंटे पहले तक जारी रहा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मिस्र के खुफिया प्रमुख ने नेतन्याहू के कार्यालय को फोन कर अतिरिक्त चेतावनी दी थी। हालांकि, नेतन्याहू कार्यालय ने पहले अब्बास कामेल से ऐसी बातचीत होने से इनकार किया है।
गैलेंट ने सुरक्षा जानकारी साझा न करने का आरोप लगाया
इजराइल के पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने भी कहा है कि हमले से पहले चेतावनियां मौजूद थीं। हालिया इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्हें उस समय मिस्र या संयुक्त अरब अमीरात से नेतन्याहू को मिली कथित चेतावनियों की जानकारी नहीं थी। गैलेंट के मुताबिक, अगर प्रधानमंत्री को ऐसी चेतावनी मिली थी और वह सुरक्षा तंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंची, तो यह गंभीर खामी मानी जाएगी।
सुरक्षा तंत्र को जानकारी न देने का सवाल
गैलेंट ने यह भी आरोप लगाया कि युद्ध के दौरान नेतन्याहू और अमेरिकी अधिकारियों के बीच हुई कुछ संवेदनशील बातचीत की जानकारी उन्हें बाद में अमेरिकी अधिकारियों के फोन से मिली। उनके मुताबिक, इन बातचीत में बंधकों और गोला-बारूद जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल थे। गैलेंट ने कहा कि वह कई बार ऐसी बातचीत से बाद में परिचित हुए।
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हमास ने 7 अक्टूबर को किया था हमला
7 अक्टूबर 2023 को हमास के लड़ाकों ने गाजा सीमा पार कर इजराइल के दक्षिणी इलाकों और सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। इस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए और करीब 250 लोगों को बंधक बनाया गया था। इसके बाद इजराइल और हमास के बीच लंबे समय तक युद्ध चला।
चेतावनियों को लेकर अलग-अलग दावे
हमले से पहले मिली कथित चेतावनियों को लेकर अब भी कई सवाल बने हुए हैं। रिपोर्टों में चेतावनियों की बात सामने आई है, लेकिन उनकी प्रकृति और उन्हें इजराइल के सुरक्षा तंत्र ने किस तरह समझा, इस पर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। नेतन्याहू कार्यालय ने मिस्र से मिली ऐसी सीधी चेतावनी के दावे का खंडन किया है।









