शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कुल्लू जिले में सोमवार सुबह तेज बारिश के बाद पागल नाला में बाढ़ आ गई, जिससे भारी मात्रा में मलबा लारजी-सैंज हाईवे पर आ गया। इसके चलते मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है।
कांगड़ा जिले में भी सुबह पांच बजे से लगातार बारिश हो रही है। यहां करीब दो घंटे तक तेज बारिश दर्ज की गई। वहीं राजधानी शिमला में रिज स्थित ऐतिहासिक क्राइस्ट चर्च के पास अंग्रेजों के समय बना डंगा बारिश के कारण ढह गया।
मौसम विभाग (आईएमडी) ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए कांगड़ा, ऊना और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा चंबा, मंडी और शिमला में भी कई स्थानों पर तेज बारिश का अनुमान है। हमीरपुर, ऊना और सोलन के कुछ क्षेत्रों में भी हल्की बारिश जारी है।
आईएमडी ने निचले इलाकों में जलभराव और धुंध के कारण कम दृश्यता की चेतावनी दी है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में जाने से बचने तथा प्रशासन की यातायात एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने 7 जुलाई के लिए कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में 11 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
उधर, कुल्लू में तेज बारिश के कारण पार्बती-III परियोजना के बांध में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए सुबह 11:30 बजे सैंज नदी में 50 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। प्रशासन ने लोगों से नदी और नालों के आसपास नहीं जाने की अपील की है, क्योंकि जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।









