नई दिल्ली। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी इन योजनाओं पर पिछली तिमाही में लागू ब्याज दरें ही जारी रहेंगी।
रिटायरमेंट के लिए लंबी अवधि में फंड तैयार करने वालों के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक विकल्प हो सकता है। 15+5+5 साल की रणनीति के जरिए निवेश को 25 साल तक जारी रखा जा सकता है।
PPF पर 7.1% ब्याज
PPF पर मौजूदा ब्याज दर 7.1% सालाना है। इसमें ब्याज कंपाउंड होता है, यानी निवेश पर मिलने वाला ब्याज भी आगे ब्याज कमाता है।
PPF में हर वित्त वर्ष न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं। उपलब्ध नियमों के अनुसार PPF में मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि टैक्स लाभ के दायरे में आती है।
15+5+5 साल की रणनीति क्या है?
PPF की मूल अवधि 15 साल होती है। इसके बाद निवेशक के पास खाते को आगे बढ़ाने के विकल्प होते हैं।
पहला विकल्प: 15 साल पूरे होने पर पूरी रकम निकालना।
दूसरा विकल्प: बिना नया निवेश किए खाते को 5-5 साल की अवधि में आगे बढ़ाना।









