- SCSS में 8.2% सालाना ब्याज मिलने का दावा
- अधिकतम ₹30 लाख तक निवेश की सुविधा
- हर तीन महीने में ब्याज का भुगतान
नई दिल्ली। रिटायरमेंट के बाद अगर आप अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित रखते हुए नियमित आय चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) एक विकल्प हो सकती है। यह योजना वरिष्ठ नागरिकों को एकमुश्त निवेश पर नियमित ब्याज देने के उद्देश्य से बनाई गई है।
इस योजना में सरकार समर्थित होने के कारण निवेश को अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, ब्याज दरें समय-समय पर सरकार की ओर से बदली जा सकती हैं।
₹30 लाख तक कर सकते हैं निवेश
SCSS में न्यूनतम ₹1,000 से खाता खोला जा सकता है। इसमें अधिकतम ₹30 लाख तक निवेश की सुविधा है।
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, फिलहाल इस योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर किया जाता है।
₹30 लाख निवेश पर हर तीन महीने में ₹61,500
अगर कोई निवेशक SCSS में अधिकतम ₹30 लाख जमा करता है और 8.2% की ब्याज दर मानें, तो एक साल में ब्याज की गणना इस तरह होगी:
₹30,00,000 × 8.2% = ₹2,46,000 सालाना ब्याज
चूंकि ब्याज का भुगतान हर तीन महीने में किया जाता है, इसलिए:
₹2,46,000 ÷ 4 = ₹61,500
यानी 8.2% की दर पूरे साल लागू रहने पर निवेशक को हर तिमाही ₹61,500 ब्याज मिल सकता है।
निवेश से पहले नियम जरूर देखें
SCSS में निवेश करने से पहले इसकी पात्रता, लॉक-इन अवधि, समयपूर्व निकासी के नियम, ब्याज दर और टैक्स से जुड़े प्रावधानों को जरूर समझ लेना चाहिए। ब्याज दर भविष्य में बदल सकती है, इसलिए मौजूदा दर को निवेश के समय आधिकारिक नियमों से सत्यापित करना बेहतर रहेगा।









