अंबेडकरनगर। अर्बन आशा कार्यकत्रियों के लंबित मानदेय और विभिन्न मदों के भुगतान को लेकर आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्री सेवा समिति संगठन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने वर्ष 2024 से भुगतान में अनियमितता का आरोप लगाते हुए सभी बकाया राशि जल्द जारी कराने की मांग की है।
पुरानी आशाओं का कई माह का भुगतान बाकी
संगठन की जिलाध्यक्ष ऊषा पटेल और जिलामंत्री नीलम सिंह ने बताया कि पुरानी अर्बन आशाओं को वर्ष 2024 से 2025 के बीच केवल छह माह का भुगतान किया गया है। कई महीनों का मानदेय अभी लंबित है।
संगठन के अनुसार अप्रैल 2025 से मार्च 2026 की अवधि में भी सिर्फ चार माह का भुगतान हुआ है। मार्च 2026 से अब तक पुरानी अर्बन आशाओं को कोई भुगतान नहीं मिला है।
नई आशाओं को भी पूरा मानदेय नहीं मिला
संगठन ने बताया कि नई अर्बन आशाओं की नियुक्ति 12 सितंबर 2025 को हुई थी। अक्टूबर 2025 से उनके वाउचर जमा किए जा रहे हैं। इसके बावजूद वर्ष 2026 में उन्हें केवल मार्च में 7,500 रुपये का भुगतान मिला है। अप्रैल 2026 से अब तक का भुगतान लंबित बताया गया है।
1,500 रुपये प्रतिमाह के भुगतान में भी अनियमितता का आरोप
ज्ञापन में राज्य बजट से मिलने वाले 1,500 रुपये प्रतिमाह के भुगतान में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने से अर्बन आशाओं को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों को भेजी ज्ञापन की प्रतियां
संगठन ने सीएमओ से सभी लंबित भुगतानों का जल्द निस्तारण कराने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतियां जिलाधिकारी, अर्बन नोडल अधिकारी समेत संबंधित विभागीय अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
संगठन ने कहा कि भुगतान में देरी जारी रहने पर आशा कार्यकत्रियों में असंतोष बढ़ सकता है।









