लखनऊ। जिला अदालत के पास नाले पर बनाए गए वकीलों के अवैध चैंबर और अन्य अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने 30 अगस्त तक अभियान चलाकर कुल 72 चैंबर समेत अन्य अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद खाली कराई गई जमीन पर अब अस्थायी स्ट्रीट पार्किंग बनाने की तैयारी की जा रही है।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, पार्किंग का उद्देश्य दोबारा अतिक्रमण की स्थिति बनने से रोकना और इलाके में यातायात व्यवस्था को बेहतर करना है। जिला अदालत और कलेक्ट्रेट के आसपास पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है।
नाले पर बने थे अवैध चैंबर
जिला अदालत के आसपास नाले की जमीन पर लंबे समय से वकीलों के चैंबर और अन्य निर्माण किए गए थे। नगर निगम ने इन्हें अतिक्रमण की श्रेणी में चिह्नित करते हुए कार्रवाई की। अभियान के दौरान अब तक 72 चैंबर सहित अन्य अवैध निर्माणों को हटाया गया है।
नगर निगम की टीम ने क्षेत्र में मौजूद अन्य अतिक्रमणों को भी चिह्नित किया है। कई स्थानों पर लाल रंग से क्रॉस के निशान लगाए गए हैं, जिससे आगे की कार्रवाई का संकेत दिया गया है।
दोबारा कब्जा रोकने के लिए पार्किंग बनाने की तैयारी
नगर निगम अब खाली कराई गई जमीन का इस्तेमाल अस्थायी पार्किंग के रूप में करने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि खाली स्थान पर पार्किंग संचालित होने से दोबारा अतिक्रमण की संभावना कम होगी।
साथ ही जिला अदालत, कलेक्ट्रेट और आसपास के सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने के लिए सुविधा मिल सकेगी। इस क्षेत्र में पार्किंग की समस्या के कारण सड़क किनारे वाहन खड़े होने से यातायात भी प्रभावित होता है।









