वॉशिंगटन। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका ने शनिवार को खार्ग आइलैंड के पास ईरान का तेल ले जा रहे एक टैंकर को निशाना बनाया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ने टैंकर पर चार मिसाइलें दागीं, जिसके बाद इलाके में जोरदार धमाके की आवाज सुनी गई। हमले में टैंकर को कितना नुकसान हुआ और उसमें सवार लोगों की स्थिति क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
पिकैक्स माउंटेन पर ट्रंप ने दी हमले की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बेहद सुरक्षित भूमिगत परमाणु परिसर पिकैक्स माउंटेन को लेकर भी चेतावनी दी है। ट्रंप के अनुसार अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस ठिकाने पर होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर वहां किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो अमेरिका हमला कर सकता है।
ईरान को परमाणु हथियार से रोकना बताया मकसद
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ पिछले पांच महीने से चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अभियान का प्रमुख उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप की इस चेतावनी से क्षेत्र में सैन्य टकराव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
नतांज के पास जमीन के नीचे बना है परिसर
पिकैक्स माउंटेन ईरान के नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र के पास स्थित बताया जाता है। नतांज को पहले ही हमलों में भारी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आ चुकी है। पिकैक्स माउंटेन का परिसर जमीन के काफी नीचे बनाया गया है और इसमें दो बड़े सुरंग सिस्टम होने की बात कही जाती है।
हजारों सेंट्रीफ्यूज पहुंचाने का दावा
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली खुफिया अधिकारियों का मानना है कि ईरान ने हजारों सेंट्रीफ्यूज इस गहरे भूमिगत परिसर में पहुंचा दिए हैं। सेंट्रीफ्यूज का इस्तेमाल यूरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया में किया जाता है।
गहराई में बने होने के कारण पिकैक्स माउंटेन को सामान्य हवाई हमलों से नुकसान पहुंचाना मुश्किल माना जाता है। ऐसे में अमेरिका की ओर से यहां हमला होने पर ईरान के परमाणु ठिकानों के खिलाफ सैन्य अभियान और व्यापक हो सकता है।









