विजय माल्या का सरकार पर फिर हमला, बोले- मैं भगोड़ा नहीं हूं

माल्या का दावा- ED ने ₹14,131.60 करोड़ की वसूली का जिक्र किया है

लंदन। ब्रिटेन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर भारत सरकार पर उनके साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। बुधवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट कर माल्या ने कहा कि वह भारत लौटना चाहते हैं, लेकिन ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने खुद को भगोड़ा बताए जाने पर भी आपत्ति जताई।

माल्या का दावा- ED ने बैंकों को लौटाए ₹14 हजार करोड़

विजय माल्या ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में उनकी संपत्तियों से ₹14,131.60 करोड़ की वसूली का जिक्र किया है। माल्या के मुताबिक, यह रकम उन बैंकों को लौटाई गई, जिनका पैसा किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज के रूप में बकाया था।

माल्या ने ED के कथित हलफनामे का एक हिस्सा भी X पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि हलफनामे के पैराग्राफ 7 में कर्ज और पैराग्राफ 17 में 2021 में वसूल की गई ₹14,131.60 करोड़ की रकम का उल्लेख है। हालांकि, ये माल्या के अपने दावे हैं।

बोले- ब्रिटेन की कानूनी प्रक्रिया ने भारत लौटने से रोका

माल्या ने एक पोस्ट में लिखा कि उनके साथ हो रहे अन्याय को देखते हुए उन्हें लगता है कि उन्हें ‘कॉकरोच’ बन जाना चाहिए, शायद इससे वह बेहतर जिंदगी जी सकें। उन्होंने साथ ही कहा कि वह भगोड़े नहीं हैं और ब्रिटेन की कानूनी प्रक्रिया ने उन्हें भारत लौटने से रोक रखा है।

माल्या ने हाल के कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों का भी अपनी पोस्ट में जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई साल बाद भी उन्हें ऐसे व्यक्ति के तौर पर पेश किया जा रहा है, जिसने बैंकों को धोखा दिया है।

किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज का मामला

विजय माल्या पर किंगफिशर एयरलाइंस के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) समेत कई बैंकों से करीब ₹9,000 करोड़ का कर्ज लेने और उसे नहीं चुकाने का आरोप है। बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने और CBI-ED की जांच के बीच माल्या 2 मार्च 2016 को भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे।

बाद में उन्हें भारत में भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया। इसके बाद से उनकी भारत वापसी और संपत्तियों से जुड़ी कानूनी कार्रवाई का मामला लगातार अदालतों में चलता रहा है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button