उत्तर कोरिया बोला- परमाणु हथियार नहीं छोड़ेंगे

: किम यो-जोंग ने IAEA की अपील को खारिज किया, कहा- परमाणु शक्ति का दर्जा बदला नहीं जा सकता

प्योंगयांग। उत्तर कोरिया ने एक बार फिर परमाणु हथियार छोड़ने की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन और वरिष्ठ अधिकारी किम यो-जोंग ने गुरुवार को कहा कि देश का परमाणु हथियारों से लैस राष्ट्र का दर्जा स्थायी है और इसे बदला नहीं जा सकता। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) का 70वां जनरल कॉन्फ्रेंस चल रहा है।

IAEA की अपील को बताया बेकार

किम यो-जोंग ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं और परमाणु निरस्त्रीकरण की अपील को खारिज किया। उन्होंने कहा कि IAEA और पश्चिमी देशों की बैठकों और बयानों का उत्तर कोरिया की परमाणु नीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने परमाणु हथियार छोड़ने की उम्मीद को बेवकूफी भरी सोच बताया।

IAEA ने परमाणु कार्यक्रम पर जताई चिंता

IAEA की बैठक में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जताई गई है। एजेंसी की रिपोर्ट में उत्तर कोरिया की यूरेनियम संवर्धन क्षमता और उसके प्रमुख परमाणु ठिकानों के विस्तार का उल्लेख किया गया है। IAEA के निरीक्षक 2009 के बाद से उत्तर कोरिया में मौजूद नहीं हैं, इसलिए एजेंसी की मौजूदा आकलन प्रक्रिया में सैटेलाइट तस्वीरों और अन्य सार्वजनिक स्रोतों की जानकारी का इस्तेमाल किया जाता है।

ट्रंप ने फिर बातचीत की इच्छा जताई

किम यो-जोंग का यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उत्तर कोरिया के साथ दोबारा बातचीत की इच्छा के बीच आया है। ट्रंप ने अगस्त में कहा था कि उन्हें इस साल किम जोंग उन से फिर मिलने की उम्मीद है। व्हाइट हाउस ने भी सितंबर की शुरुआत में कहा था कि ट्रंप बिना किसी पूर्व शर्त के किम के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच नई शिखर बैठक की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है।

2018 में पहली बार मिले थे ट्रंप और किम

ट्रंप और किम जोंग उन की पहली ऐतिहासिक मुलाकात जून 2018 में सिंगापुर में हुई थी। यह पहली बार था जब किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया के नेता से आमने-सामने मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका-उत्तर कोरिया संबंधों में सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा की थी।

हनोई बैठक में नहीं बनी सहमति

फरवरी 2019 में दोनों नेता दूसरी बार वियतनाम के हनोई में मिले। इस बैठक में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम और उस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत को लेकर बातचीत हुई, लेकिन दोनों पक्ष किसी समझौते तक नहीं पहुंच सके। इसके बाद भी परमाणु मुद्दे पर कोई व्यापक समझौता नहीं हो पाया।

2019 में DMZ पर हुई थी अचानक मुलाकात

जून 2019 में ट्रंप और किम की तीसरी मुलाकात कोरियाई सीमा पर हुई थी। ट्रंप दक्षिण कोरिया की यात्रा के दौरान डिमिलिटराइज्ड जोन (DMZ) पहुंचे थे, जहां उन्होंने किम से मुलाकात की। इस दौरान ट्रंप उत्तर कोरिया की जमीन पर कदम रखने वाले पहले मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बने। हालांकि, इस मुलाकात के बाद भी उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ।

बातचीत और परमाणु नीति के बीच बना अंतर

एक तरफ अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ बातचीत के लिए तैयार होने की बात कह रहा है, वहीं प्योंगयांग लगातार अपने परमाणु हथियारों को अपनी सुरक्षा नीति का अहम हिस्सा बताता रहा है। ताजा बयान से संकेत मिलता है कि संभावित बातचीत में परमाणु हथियारों का मुद्दा सबसे महत्वपूर्ण और विवादित विषयों में से एक रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button