वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों और रक्षा तैयारियों के लिए अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर (करीब 8.3 लाख करोड़ रुपए) की अतिरिक्त फंडिंग मंजूर करने की मांग की है। व्हाइट हाउस के अनुसार यह राशि पहले से स्वीकृत रक्षा बजट और अगले वित्तीय वर्ष के प्रस्तावित बजट से अलग होगी।
प्रशासन का कहना है कि अतिरिक्त धनराशि का उपयोग युद्ध संबंधी अभियानों, सेना की तैयारी बढ़ाने, हथियारों के भंडार को दोबारा भरने तथा गोपनीय रक्षा कार्यक्रमों को संचालित करने में किया जाएगा। व्हाइट हाउस के मुताबिक यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
हालांकि कांग्रेस में इस मांग का विरोध भी तेज हो गया है। मंगलवार को अमेरिकी सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर ट्रम्प प्रशासन से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की। इससे पहले प्रतिनिधि सभा भी इसी प्रकार का प्रस्ताव पारित कर चुकी है। उल्लेखनीय है कि चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स का समर्थन किया।
इस बीच ईरान संकट से जुड़े कई अन्य घटनाक्रम भी सामने आए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी कच्चे तेल (WTI) की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है, जबकि ब्रेंट क्रूड 73.50 डॉलर प्रति बैरल तक गिर गया है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को कुछ राहत मिली है।
वहीं ट्रम्प प्रशासन ने तेल कंपनियों पर भी सख्त रुख अपनाया है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अमेरिकी न्याय विभाग को तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए हैं। उनका आरोप है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद उपभोक्ताओं को उसका पूरा लाभ नहीं मिल रहा है।









