- साहिल वाकोडे की मौत के मामले में प्रोफेसर दुल्ला पर कार्रवाई
- IIT बॉम्बे ने डीन पद से किया सस्पेंड
- साहिल के माता-पिता ने जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए
मुंबई। IIT बॉम्बे ने बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को डीन के पद से सस्पेंड कर दिया है। दुल्ला पर साहिल के माता-पिता ने जातिगत भेदभाव और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने दुल्ला और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
पहले के बयान पर संस्थान ने जताया खेद
IIT बॉम्बे ने साहिल की मौत के बाद जारी अपने शुरुआती बयान को लेकर भी माफी मांगी है। संस्थान ने माना कि मौत की परिस्थितियों की जांच पूरी होने से पहले घटना से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक करना उचित नहीं था। इससे पहले संस्थान ने कहा था कि साहिल को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था और उसने प्रश्नपत्र को ChatGPT पर अपलोड कर जवाब हासिल करने की कोशिश की थी।
परीक्षा में मोबाइल इस्तेमाल करने का दावा
IIT बॉम्बे की ओर से पहले बताया गया था कि साहिल को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया था। संस्थान के मुताबिक, उसने परीक्षा के प्रश्नपत्र की तस्वीर ChatGPT पर डालकर उत्तर हासिल करने की कोशिश की थी। दूसरी ओर, साहिल के परिवार ने संस्थान के इस घटनाक्रम और उसके बाद की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डायरेक्टर के इस्तीफे पर भी विवाद
मामले के बीच IIT बॉम्बे के डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे के इस्तीफे की खबरों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। संस्थान ने कहा है कि डायरेक्टर ने इस्तीफा नहीं दिया है। छात्रों के प्रदर्शन के बीच केदारे ने रविवार देर रात छात्रों के साथ करीब तीन घंटे बैठक की थी। इस दौरान छात्रों ने अपनी मांगें रखीं और संस्थान प्रशासन से जवाब मांगा। छात्रों की ओर से डायरेक्टर के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई थी।
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छात्रों की मांगों पर बोर्ड करेगा विचार
छात्रों के विरोध के बीच संस्थान प्रशासन ने उनकी मांगों पर विचार करने की बात कही है। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों ने 18 मांगों वाला दस्तावेज प्रशासन के सामने रखा था। संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में आगे की कार्रवाई पर चर्चा होनी है। इस पूरे मामले में छात्र प्रशासन से पारदर्शिता और साहिल की मौत की परिस्थितियों की विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं।









