यूरोप के कई देशों में महंगी पढ़ाई, बेरोजगारी और आवास की बढ़ती लागत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। छात्रों के साथ कर्मचारी और ट्रेड यूनियन भी इन प्रदर्शनों में शामिल हो रहे हैं। फ्रांस में विरोध के दौरान दुकानों में लूटपाट, वाहनों में आगजनी और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। वहीं, इटली, ग्रीस, बेल्जियम और अल्बानिया में भी अलग-अलग मांगों को लेकर प्रदर्शन हुए।
फ्रांस: 140 शहरों में प्रदर्शन
फ्रांस में 17 अक्टूबर को 140 शहरों में प्रदर्शन होने की जानकारी सामने आई। आयोजकों के दावे के मुताबिक, करीब 8 लाख लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन में छात्र संगठनों के अलावा ट्रेड यूनियनों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। स्कूलों की खराब हालत, शिक्षकों की कमी और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों ने विरोध को व्यापक रूप दिया।
पेरिस, मार्सेई और बोर्डो में तोड़फोड़
पेरिस, मार्सेई और बोर्डो समेत कई शहरों में प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और लूटपाट हुई। कुछ स्थानों पर वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। हिंसक घटनाओं के चलते सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई।
लीमोज में ऐतिहासिक सिटी हॉल में आग
फ्रांस के लीमोज शहर में 143 साल पुराने ऐतिहासिक सिटी हॉल में आग लगने की घटना सामने आई। इसके अलावा कई गाड़ियों को भी जला दिया गया। ऐतिहासिक इमारत को हुए नुकसान ने घटना को और गंभीर बना दिया। हालांकि, आग लगने की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।









