
मुंबई। रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर फिल्म ‘रामायण’ का नया गाना ‘मंगल रंग’ रविवार को रिलीज किया गया। एआर रहमान के संगीत से सजे इस गाने को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने आवाज दी है। हालांकि, रिलीज के बाद गाना सोशल मीडिया पर चर्चा और विवाद का विषय बन गया। कुछ यूजर्स ने इसके संगीत में कव्वाली और सूफी बीट्स के इस्तेमाल पर सवाल उठाए, वहीं राम-सीता के विवाह के एक दृश्य को लेकर भी आलोचना हुई।
एआर रहमान के संगीत पर उठे सवाल
गाने की धुन को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स का कहना है कि वाल्मीकि रामायण पर आधारित फिल्म में सूफी और कव्वाली शैली का इस्तेमाल कहानी की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के अनुरूप नहीं है। उनका तर्क है कि रामायण जैसे महाकाव्य पर बनी फिल्म के संगीत में संस्कृत के श्लोकों और पारंपरिक भारतीय संगीत को अधिक जगह मिलनी चाहिए थी।
वहीं, गाने को लेकर सभी प्रतिक्रियाएं एक जैसी नहीं हैं। संगीत की शैली और उसकी प्रस्तुति को लेकर दर्शकों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है।
राम-सीता के विवाह दृश्य में किस रस्म पर विवाद?
गाने के एक दृश्य में राम और सीता के विवाह के दौरान दिखाई गई रस्म को कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने हल्दी की रस्म बताया और इसी आधार पर सवाल उठाए। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, दृश्य में दिखाई गई रस्म हल्दी नहीं, बल्कि पारंपरिक ‘चुमावन’ रस्म है।
इस अंतर को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। ऐसे में दृश्य को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले रस्म की परंपरा और फिल्म में उसके चित्रण के संदर्भ को समझना जरूरी है।
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गाने को लेकर दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
‘मंगल रंग’ को लेकर उठे सवालों ने फिल्म के संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुति पर बहस तेज कर दी है। कुछ दर्शक पारंपरिक शैली को प्राथमिकता देने की बात कर रहे हैं, जबकि अन्य लोग संगीत को रचनात्मक अभिव्यक्ति के नजरिए से देख रहे हैं।
फिलहाल, गाने को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। फिल्म के निर्माताओं या संगीतकारों की ओर से इन विशेष आलोचनाओं पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।









