नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली के बाजारों में पटाखों की खुली बिक्री की खबरों पर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि प्रतिबंध और निर्धारित नियमों के बावजूद अगर बाजारों में अलग-अलग तरह के पटाखे बेचे जा रहे हैं, तो यह गंभीर मामला है। कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी से इस मामले में आदेशों के उल्लंघन की जांच करने को कहा है।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने सुनवाई के दौरान हिन्दुस्तान टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट का हवाला दिया। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद दिल्ली के अलग-अलग बाजारों में कई तरह के पटाखों की बिक्री हो रही है।
अखबार की रिपोर्ट का सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान
सुनवाई के दौरान पीठ ने दिल्ली में पटाखों की बिक्री से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट पर ध्यान दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजारों में निर्धारित नियमों के विपरीत अलग-अलग किस्म के पटाखे खुले तौर पर बेचे जा रहे हैं।
इस पर अदालत ने ASG ऐश्वर्या भाटी से मामले की जांच करने और यह पता लगाने को कहा कि क्या पटाखों की बिक्री को लेकर जारी निर्देशों का उल्लंघन किया जा रहा है।
कोर्ट की चिंता इस बात को लेकर थी कि जब बिक्री के लिए स्पष्ट शर्तें तय की गई हैं, तो उनके बावजूद बाजारों में प्रतिबंधित या गैर-प्रमाणित पटाखे कैसे उपलब्ध हो रहे हैं। अब इस मामले में आदेशों के पालन की स्थिति की जांच की जाएगी।
4 से 6 नवंबर तक सिर्फ प्रमाणित ग्रीन पटाखे बेचने की अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-NCR में दिवाली के दौरान पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी थी। इसके तहत 4 से 6 नवंबर तक केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखे बेचने की इजाजत दी गई है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजारों में केवल निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले पटाखे ही उपलब्ध हों। सामान्य पटाखों की बिक्री की अनुमति इस आदेश में शामिल नहीं है।
ऐसे में बाजारों में अलग-अलग किस्म के पटाखे बिकने की खबर सामने आने के बाद अदालत ने नियमों के पालन की जांच कराने को कहा है।
7 और 8 नवंबर को तय समय पर ही पटाखे जला सकेंगे लोग
सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे जलाने के लिए भी समय निर्धारित किया है। आदेश के मुताबिक, दिल्ली-NCR में 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे तक और रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे जलाने की अनुमति होगी।
इसका मतलब है कि लोगों को निर्धारित समय के बाहर पटाखे जलाने की छूट नहीं होगी। साथ ही पटाखों के इस्तेमाल में भी प्रमाणित ग्रीन पटाखों से जुड़ी शर्तों का पालन करना होगा।









