अम्बेडकरनगर। भारत सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘12 साल विश्वास के, जन कल्याण के’ अभियान के तहत गुरुवार को सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, पुरानी तहसील परिसर अकबरपुर में बाल श्रम उन्मूलन एवं जन-जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों की जानकारी आमजन तक पहुंचाना और बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनसहभागिता बढ़ाना था।
बाल श्रम रोकने में समाज की भूमिका अहम
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सहायक श्रमायुक्त सन्त पाल ने कहा कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक समस्या है। इसके प्रभावी उन्मूलन के लिए प्रशासन और समाज दोनों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने शिक्षा के अधिकार, श्रम कानूनों के पालन और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई बालक या किशोर श्रम करते हुए दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित विभाग या प्रशासन को दें, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
रोजगार पोर्टलों की भी दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को बाल अधिकारों, श्रम कानूनों और श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। जिला सेवायोजन अधिकारी प्रीति मिश्रा ने रोजगार संगम पोर्टल और सेवामित्र पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों पर प्रकाश डाला।
संगोष्ठी में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।









