अंबेडकरनगर। आलापुर तहसील परिसर में अधिकारियों के लिए सरकारी आवास उपलब्ध होने के बावजूद उनके वहां रात्रि प्रवास नहीं करने का मामला सामने आया है। उपजिलाधिकारी विकास यादव और तहसीलदार रवीश कुमार के रोजाना जनपद मुख्यालय से तहसील आने-जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि इस आवाजाही में सरकारी वाहनों का कई बार इस्तेमाल होता है, जिससे ईंधन और सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त खर्च पड़ रहा है। मामले में सरकारी आवासों के उपयोग और वाहनों के संचालन की जांच कराने की मांग की जा रही है।
तहसील परिसर में एसडीएम और तहसीलदार के लिए आवास बने हैं। बताया जा रहा है कि करीब दस दिन पहले पूर्व एसडीएम धर्मेंद्र सिंह का स्थानांतरण जलालपुर और पूर्व तहसीलदार का अकबरपुर हो गया था। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने अपने सरकारी आवास खाली कर दिए थे। नए एसडीएम विकास यादव और तहसीलदार रवीश कुमार की तैनाती के बाद भी इन आवासों में उनके रहने की बात सामने नहीं आई है।
सरकारी वाहनों के इस्तेमाल पर सवाल
आरोप है कि दोनों अधिकारियों को उनके आवास से तहसील लाने और वापस पहुंचाने के लिए सरकारी वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे वाहनों की आवाजाही, डीजल की खपत और सरकारी खर्च को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिकायत में वाहनों की लॉगबुक, ईंधन खपत के अभिलेख और ड्यूटी रजिस्टर की जांच कराने की मांग की गई है, ताकि वास्तविक खर्च का पता चल सके।









