अंबेडकरनगर। मानदेय और पीबीआई (परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव) के भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) का सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना जारी है। प्रदर्शन के दौरान मंगलवार को एक सीएचओ की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए। साथी सीएचओ उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे, जहां उन्हें भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
सीएचओ संघ का आरोप है कि जिले के 252 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर तैनात सीएचओ को छह माह से अधिक समय से मानदेय और पीबीआई का भुगतान नहीं मिला है। संघ के अनुसार करीब दो वर्षों से इंक्रीमेंट भी लंबित है। इसके अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के रखरखाव और दवाओं की खरीद के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई है।
धरने से कई केंद्रों पर सेवाएं प्रभावित होने का दावा
सीएचओ के धरने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का दावा संघ ने किया है। इससे ग्रामीण मरीजों को परेशानी होने की बात कही गई है। संघ ने लंबित भुगतान जल्द कराने की मांग की है।
संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा कि सीएचओ अतिरिक्त लाभ की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी मांग किए गए कार्य के बदले लंबित मानदेय और पीबीआई का भुगतान कराने की है। उनका कहना है कि भुगतान की प्रक्रिया शुरू होते ही सीएचओ धरना समाप्त कर काम पर लौट जाएंगे।
जलालपुर में आशाओं के पीबीआई भुगतान का मुद्दा भी उठा
धरने के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर में आशाओं के पीबीआई भुगतान का मामला भी उठाया गया। संघ ने इसकी जांच कराने और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
संघ ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर लंबित भुगतान समेत अन्य समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है।









