भारत की सीमा के करीब बढ़ेगा रक्षा सहयोग

बोगुरा में तुर्किये के साथ मिलकर बनेगी ड्रोन फैक्ट्री, पास में एयरबेस भी

  • बोगुरा में तुर्किये के साथ संयुक्त ड्रोन फैक्ट्री की योजना
  • फैक्ट्री के पास नया एयरफोर्स बेस बनाने की तैयारी
  • बोगुरा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विकसित करने की योजना

ढाका। बांग्लादेश ने अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए तुर्किये के साथ मिलकर ड्रोन निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया है। दोनों देशों के बीच संयुक्त उपक्रम के तहत उत्तरी बांग्लादेश के बोगुरा में ड्रोन निर्माण फैक्ट्री स्थापित करने की योजना है। बांग्लादेश सरकार के मुताबिक, यह फैक्ट्री प्रस्तावित बोगुरा एयरबेस के पास बनाई जाएगी।

एयरबेस और एयरपोर्ट भी होगा विकसित

ड्रोन फैक्ट्री के साथ बोगुरा में बांग्लादेश एयरफोर्स का नया एयरबेस विकसित करने की योजना है। बांग्लादेश सरकार ने उत्तरी क्षेत्र में एयरफोर्स के पहले एयरबेस की स्थापना को मंजूरी दी है। यहां भविष्य में वायुसेना में शामिल होने वाले नए लड़ाकू विमानों को तैनात किए जाने की बात भी कही गई है। इसके अलावा बोगुरा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने का काम चल रहा है।

ड्रोन निर्माण में तकनीकी सहयोग

बांग्लादेश और तुर्किये के बीच प्रस्तावित परियोजना का उद्देश्य देश में ड्रोन निर्माण की क्षमता विकसित करना है। रिपोर्टों के मुताबिक, बांग्लादेश विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी कर अपनी घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। तुर्किये के साथ ड्रोन परियोजना इसी रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है। हालांकि, फैक्ट्री की कुल लागत, उत्पादन क्षमता और बनने वाले ड्रोन के मॉडल जैसी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

चीन के साथ भी रक्षा तकनीक पर सहयोग

बांग्लादेश की ड्रोन निर्माण योजना सिर्फ तुर्किये तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक, बांग्लादेश चीन के साथ भी ड्रोन निर्माण और तकनीकी सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे बांग्लादेश की रक्षा नीति में विदेशी तकनीक के साथ घरेलू उत्पादन क्षमता विकसित करने पर जोर दिखाई देता है।

भारत के लिए क्यों अहम है बोगुरा

बोगुरा बांग्लादेश के उत्तरी हिस्से में स्थित है और भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के अपेक्षाकृत करीब है। ऐसे में यहां ड्रोन निर्माण क्षमता और नया एयरबेस विकसित होने से क्षेत्र की सुरक्षा परिस्थितियों पर नजर रखना भारत के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, इससे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में खतरा बढ़ेगा, यह एक विशेषज्ञ आकलन है, स्थापित तथ्य नहीं। इस तरह के दावे को संबंधित विशेषज्ञ की राय के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

बांग्लादेश की बदलती रक्षा रणनीति

बांग्लादेश अब केवल विदेशी देशों से तैयार सैन्य उपकरण खरीदने के बजाय घरेलू स्तर पर रक्षा उत्पादन क्षमता विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बोगुरा में प्रस्तावित ड्रोन फैक्ट्री इसी बदलाव का हिस्सा है। तुर्किये और चीन के साथ तकनीकी सहयोग के जरिए ड्रोन और अन्य सैन्य प्रणालियों के निर्माण की क्षमता विकसित करने की कोशिश की जा रही है।

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