अंबेडकरनगर। जलालपुर स्थित रौजा-ए-हजरत कासिम परिसर में राह-ए-निजात ग्रुप की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कर्बला के शहीदों की याद में आयोजित इस शिविर में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
शिविर में कुल 40 युवाओं ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 31 ने सफलतापूर्वक रक्तदान किया। आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से आए युवाओं ने भाग लेकर मानव सेवा का संदेश दिया।
रक्तदान को बताया सबसे बड़ा दान
शिविर का उद्घाटन इमाम-ए-जुमा मौलाना रहबर सुल्तानी ने किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है, क्योंकि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने युवाओं से नियमित रक्तदान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने की अपील की।
विभिन्न क्षेत्रों से जुटे युवा
शिविर में मुस्तफाबाद, नगपुर, आसीपुर, नई बाजार, जाफराबाद, वाजिदपुर और उस्मानपुर सहित कई क्षेत्रों से युवा शामिल हुए। रक्तदान करने वालों में नसीम हैदर, अली हैदर, डॉ. काजिम, मोहम्मद अब्बास, कासिम अब्बास, जाहिद हुसैन, जाकिर अब्बास सहित कई नाम शामिल रहे।
चिकित्सकीय टीम ने निभाई अहम भूमिका
रक्त संग्रह और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए चिकित्सकीय टीम मौजूद रही। टीम में डॉ. रवि विक्रम, अर्शिया शबनम, सुनील कुमार, रुद्र प्रताप सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह और खुशी राम शामिल रहे। टीम ने सुरक्षित रक्त संग्रह सुनिश्चित किया।
सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी
राह-ए-निजात ग्रुप के सदस्यों ने बताया कि संगठन लंबे समय से रक्तदान, शिक्षा और सामाजिक सहायता के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। शिविर की निगरानी मौलाना मीसम रजा, मास्टर अमीर हैदर, शेख इब्ने हसन, मोहम्मद हबीब और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मास्टर मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद जावेद, मूसी रजा, अदनान, मुंतजिर, मोहम्मद शकैब और अन्य सदस्यों का सहयोग रहा।









