आजमगढ़ । आजमगढ़ के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय में कथित रिश्वतखोरी के मामले का खुलासा हुआ है। एंटी करप्शन टीम ने छापेमारी कर कार्यालय के कनिष्ठ लिपिक आकाश यादव को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले में नामजद दूसरा लिपिक धर्मेंद्र कुमार राय उर्फ बबलू राय मौके से फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार, मान्यता संबंधी कार्य कराने के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की। जांच के दौरान आकाश यादव को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।
बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र कुमार राय उर्फ बबलू राय पहले भी विवादों में रह चुका है। वर्ष 2022 में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से जुड़े मामले में उसका नाम सामने आया था। उस समय तत्कालीन जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देशन में परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
सूत्रों के अनुसार, धर्मेंद्र कुमार राय पहले जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में तैनात था, बाद में उसे बीएसए कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। अब उसके खिलाफ भी रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और विभागीय जांच के बाद ही सभी आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल एंटी करप्शन टीम और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं तथा फरार कर्मचारी की तलाश की जा रही है।









