नई दिल्ली। महिला पहलवानों के कथित यौन शोषण से जुड़े मामले में भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह तथा पूर्व सचिव विनोद तोमर को बरी किए जाने के खिलाफ दायर अपील पर बुधवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को अपना जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है। मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी।
सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह के वकील ऑनलाइन पेश हुए। उन्होंने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा। विशेष न्यायाधीश ने समय देते हुए स्पष्ट किया कि यह जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका है।
28 अक्टूबर तक जवाब देने का दिया गया था निर्देश
इससे पहले 9 अक्टूबर को एमपी/एमएलए सेशन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दिग्विजय सिंह ने बृजभूषण शरण सिंह को 28 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। बुधवार को हुई सुनवाई में उनके वकील ने अतिरिक्त समय की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए अगली तारीख तय कर दी।
पहलवानों और पक्षकारों को दिया जाएगा डिजिटल रिकॉर्ड
अदालत ने पहले निर्देश दिया था कि निचली अदालत में शुरू से लेकर अंत तक हुई पूरी न्यायिक कार्यवाही का डिजिटल रिकॉर्ड पेन ड्राइव में उपलब्ध कराया जाए। यह रिकॉर्ड याचिकाकर्ता पहलवानों, बृजभूषण शरण सिंह, विनोद तोमर और दिल्ली पुलिस को दिया जाना है, ताकि सभी पक्ष मामले से संबंधित अदालती कार्यवाही का अवलोकन कर सकें।
दिल्ली पुलिस से भी मांगा गया था जवाब
अदालत ने दिल्ली पुलिस से भी पूछा था कि क्या वह बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील दायर करेगी। इस पर पुलिस ने अपना जवाब देने के लिए समय मांगा था। अब मामले में आगे की सुनवाई 20 नवंबर को होगी, जिसमें अपील से जुड़े पक्षों की दलीलों और जवाब पर आगे की कार्रवाई हो सकती है।









