
- NEET पेपर लीक मामले में CBI ने दो और आरोपियों को पकड़ा
- डॉक्टर और कोचिंग टीचर पर पेपर बांटने का आरोप
- 5 राज्यों में बिके थे लीक प्रश्नपत्र
- महाराष्ट्र बना पेपर लीक का सबसे बड़ा केंद्र
- अब तक 13 आरोपी गिरफ्तार, 49 जगहों पर छापेमारी
नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बुधवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहले आरोपी की पहचान डॉक्टर मनोज शिरूरे के रूप में हुई है, जो लातूर के रहने वाले हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक डॉ. मनोज ने एक कोचिंग सेंटर संचालक के बेटे समेत तीन छात्रों को आरोपी पीवी कुलकर्णी से केमिस्ट्री के लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे।
दूसरा आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह है, जो पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (APMA) में फिजिक्स पढ़ाता है। जांच में सामने आया है कि उसे फिजिक्स के लीक प्रश्न आरोपी मनीषा हवलदार से मिले थे।
49 जगहों पर छापेमारी, कई डिजिटल सबूत जब्त
सीबीआई इस पूरे नेटवर्क और साजिश की परतें खंगालने में जुटी है। एजेंसी अब तक देशभर में 49 स्थानों पर छापेमारी कर चुकी है। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
महाराष्ट्र बना पेपर लीक का सबसे बड़ा केंद्र
सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि NEET का पेपर कम से कम पांच राज्यों में बेचा गया था। इनमें सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से जुड़े पाए गए हैं, जबकि दूसरा स्थान राजस्थान का है।
जांच एजेंसी के मुताबिक महाराष्ट्र से ही राजस्थान और अन्य राज्यों तक ‘क्वेश्चन बैंक’ पहुंचाया गया। सीबीआई को महाराष्ट्र और राजस्थान में प्रश्नपत्रों के प्रिंट निकालकर बेचने के सबूत भी मिले हैं।
पैसों के लेनदेन की जांच में जुटी CBI
सीबीआई अब उन अभिभावकों की सूची तैयार कर रही है, जिनके बैंक खातों से शिवराज मोटेगांवकर, पीवी कुलकर्णी और उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए थे। जांच एजेंसी को शक है कि इस नेटवर्क में NTA के बाहर के कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
फीस रिफंड के लिए 27 मई आखिरी तारीख
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने NEET-UG 2026 उम्मीदवारों के लिए फीस रिफंड पोर्टल भी शुरू किया है। अभ्यर्थी 27 मई रात 11:50 बजे तक अपने बैंक खाते की जानकारी जमा कर सकते हैं।









