
- इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का शुद्ध घाटा
- पिछले वर्ष की समान तिमाही में हुआ था ₹3,068 करोड़ का मुनाफा
- रुपये की कमजोरी और महंगे ईंधन से बढ़ा दबाव
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में ₹2,536 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है। पिछले वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने ₹3,068 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था। कंपनी ने 29 मई 2026 को अपने तिमाही नतीजों की घोषणा की।
राजस्व में बढ़ोतरी, लेकिन मुनाफा नहीं बचा सकी
घाटे के बावजूद कंपनी के परिचालन राजस्व में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। चौथी तिमाही में इंडिगो का राजस्व बढ़कर ₹22,438 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹22,152 करोड़ था। हालांकि बढ़ती लागत के कारण कंपनी लाभ कमाने में सफल नहीं हो सकी।
ईंधन और रुपये की कमजोरी बनी बड़ी वजह
कंपनी के अनुसार, घरेलू क्षमता पर लगी पाबंदियां, भारतीय रुपये में गिरावट और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों ने वित्तीय प्रदर्शन को प्रभावित किया है। इसके अलावा तिमाही के दौरान ₹250 करोड़ का एकमुश्त शुल्क भी कंपनी पर पड़ा, जिससे घाटा और बढ़ गया।
यात्रियों पर पड़ सकता है बढ़ी लागत का असर
इंडिगो ने संकेत दिए हैं कि वह बढ़ती ईंधन लागत का बोझ यात्रियों पर डाल सकती है। कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूटों पर किराए में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। हाल के दिनों में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण विमानन ईंधन महंगा हुआ है।









