मुंबई। अभिनेत्री कटरीना कैफ हाल ही में अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन में शामिल हुईं। कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके बढ़े हुए वजन को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां की गईं। पोस्ट प्रेग्नेंसी बॉडी में आए बदलाव को लेकर हो रही ट्रोलिंग के बीच अब पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी और अभिनेत्री एवं भाजपा नेता खुशबू सुंदर ने कटरीना का समर्थन किया है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्रोलर्स को दिया जवाब
प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर महिलाओं के शरीर, उम्र और रंग-रूप को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि किसी महिला का वजन बढ़े या घटे, उसकी उम्र कितनी हो, वह कैसी दिखती है या उसकी त्वचा कैसी है, इसके लिए उसे दूसरों को जवाब देने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने अपनी पोस्ट में महिलाओं से कहा कि उनके शरीर और निजी जिंदगी पर टिप्पणी करने वाले लोगों को किसी महिला को अपने बारे में सफाई देने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए। उनका कहना था कि महिलाओं के शरीर में होने वाले बदलावों को सार्वजनिक चर्चा और मजाक का विषय बनाने की प्रवृत्ति पर सवाल उठना चाहिए।
खुशबू सुंदर ने भी कटरीना का किया बचाव
अभिनेत्री और भाजपा नेता खुशबू सुंदर ने भी कटरीना कैफ के समर्थन में सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट लिखी। उन्होंने सवाल उठाया कि महिलाओं की उम्र और शरीर को हमेशा सार्वजनिक चर्चा का विषय क्यों बना दिया जाता है।
खुशबू सुंदर ने कहा कि जैसे ही कोई महिला एक उम्र के पड़ाव को पार करती है, उसके रूप-रंग और शरीर को लेकर सवाल उठने लगते हैं। यह भी पूछा जाता है कि क्या वह पहले जैसी दिखती है, क्या उसने खुद को ठीक से मेंटेन रखा है या क्या वह अब अपने करियर के चरम पर नहीं है।
पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग नजरिया क्यों?
खुशबू सुंदर ने अपनी पोस्ट में पुरुषों और महिलाओं के प्रति समाज के अलग-अलग नजरिए का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पुरुषों के बाल सफेद होने या उनका वजन बढ़ने को अक्सर उम्र और अनुभव से जोड़कर देखा जाता है, जबकि महिलाओं के शरीर में आने वाले बदलावों को लेकर तुरंत सवाल और टिप्पणियां शुरू हो जाती हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की उम्र बढ़ने के साथ उनकी झुर्रियां, सफेद बाल और वजन जैसे व्यक्तिगत बदलाव भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बना दिए जाते हैं। उनके मुताबिक, महिलाओं के लिए भी उम्र बढ़ना जीवन का सामान्य हिस्सा है और इसे किसी तय खूबसूरती के पैमाने से नहीं देखा जाना चाहिए।
‘मेरा भी मजाक बनाया गया था’
खुशबू सुंदर ने पोस्ट में अपने पुराने अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब उनका वजन अधिक था, तब उनका मजाक बनाया गया और उन्हें उन महिलाओं के उदाहरण के तौर पर पेश किया गया, जिन्हें समाज ‘मोटी और बदसूरत’ मानता है।
उन्होंने कहा कि बाद में जब उन्होंने अपना वजन कम किया तो लोगों ने उनके वजन घटाने को लेकर भी सवाल उठाए और यहां तक कहा कि उन्होंने इंजेक्शन लेकर वजन कम किया है। खुशबू सुंदर ने इस अनुभव के जरिए बताया कि महिलाओं के शरीर को लेकर समाज की टिप्पणियां वजन बढ़ने और घटने, दोनों स्थितियों में जारी रह सकती हैं।
‘महिला की कोई प्राइम उम्र नहीं होती’
खुशबू सुंदर ने कटरीना कैफ से कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी जिंदगी अपने तरीके से गरिमा, आत्मसम्मान और शालीनता के साथ जी है और आगे भी उन्हें इसी तरह अपनी जिंदगी जीनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला की कोई तय ‘प्राइम उम्र’ नहीं होती, बल्कि उसकी जिंदगी का हर पड़ाव उसी का है।
कटरीना के समर्थन में सामने आए इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर महिलाओं के शरीर, उम्र और पोस्ट प्रेग्नेंसी बदलावों को लेकर होने वाली टिप्पणियों पर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है।









