नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं और उसकी भौगोलिक स्थिति के कारण अमेरिका के लिए उससे राजनयिक संबंध बनाए रखना जरूरी है। नेटवर्क18 को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि विदेश नीति के तहत अमेरिका को उन देशों से भी बातचीत करनी पड़ती है, जिनसे उसके मतभेद हैं।
रूबियो ने भारत और ईरान के संबंधों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत भी ईरान के साथ संपर्क बनाए रखता है और वहां के नेताओं से मुलाकात करता है। उनके मुताबिक, अलग-अलग देशों के साथ रिश्तों में संतुलन बनाना मुश्किल है, लेकिन विदेश नीति के लिए यह जरूरी है।
पाकिस्तान से बातचीत भारत की चिंताएं दूर करने में मददगार
रूबियो ने कहा कि अमेरिका दुनिया में कहीं भी आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के साथ राजनयिक संपर्क बनाए रखने से अमेरिका को उन गतिविधियों को हतोत्साहित करने में मदद मिल सकती है, जिनसे भारत को सुरक्षा संबंधी चिंताएं हैं।
उनके अनुसार, पाकिस्तान से बातचीत का एक उद्देश्य ऐसा माहौल बनाना भी हो सकता है, जिसमें भारत की चिंताओं से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी ढंग से बात की जा सके। <Cite refs={[“turn332491search0″,”turn332491search1”]}/>
ईरान के नेताओं के रवैये की आलोचना
इंटरव्यू में रूबियो ने ईरान की सरकार की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान के नेताओं के साथ समझौता करना मुश्किल है। रूबियो ने वहां के उन कट्टरपंथी शिया धर्मगुरुओं का जिक्र किया, जिनके बारे में उनका कहना है कि वे धार्मिक आधार पर फैसले लेते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी सभी शिया धर्मगुरुओं के बारे में नहीं, बल्कि कट्टरपंथी विचार रखने वाले धर्मगुरुओं के बारे में है। रूबियो के मुताबिक, ऐसे नेतृत्व के साथ समझौते तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण है।









