कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ब्लैक सी में समुद्री हमले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले करीब डेढ़ महीने में दोनों देशों की ओर से 300 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें अनाज ले जाने वाले जहाज, तेल टैंकर और अन्य मालवाहक पोत शामिल हैं।
लगातार हो रहे हमलों से ब्लैक सी में समुद्री व्यापार प्रभावित होने लगा है। जहाज मालिक इस रूट पर अपने पोत भेजने से बच रहे हैं, जिससे माल ढुलाई की लागत बढ़ रही है।
गेहूं-मक्का की कीमतों पर पड़ सकता है असर
ब्लैक सी में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक खाद्य आपूर्ति पर भी पड़ने की आशंका है। रूस और यूक्रेन दुनिया के प्रमुख अनाज निर्यातक देशों में शामिल हैं। दोनों देश मिलकर वैश्विक गेहूं निर्यात में करीब 30 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं।
दोनों देशों से बड़ी मात्रा में अनाज ब्लैक सी के रास्ते दूसरे देशों तक पहुंचता है। ऐसे में समुद्री व्यापार बाधित होने पर गेहूं और मक्का की कीमतों में तेजी आने का खतरा बढ़ सकता है।
जहाज मालिकों के सामने बढ़ा जोखिम
लगातार हमलों के कारण ब्लैक सी का समुद्री रास्ता जहाज मालिकों के लिए जोखिम भरा होता जा रहा है। सुरक्षा को देखते हुए कई कंपनियां इस रूट पर जाने से बच रही हैं। इसका असर परिवहन लागत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।









