- ट्रम्प ने चुनाव सुरक्षा पर राष्ट्र को किया संबोधित
- 2020 चुनाव में धांधली का दावा दोहराया
- चीन पर 22 करोड़ वोटरों का डेटा चुराने का आरोप
- CIA और FBI पर जानकारी छिपाने का आरोप
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को चुनाव सुरक्षा पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार चुनाव सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक (डिक्लासिफाई) कर रही है।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी दस्तावेजों का हवाला देते हुए ट्रम्प ने आरोप लगाया कि चीन ने 2020 के चुनाव के दौरान करीब 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों का डेटा चुराया था। उनके अनुसार, 18 राज्यों का वोटर डेटा हैक या अवैध रूप से हासिल किया गया।
ट्रम्प ने यह भी आरोप लगाया कि CIA, FBI और अन्य खुफिया एजेंसियों को इस मामले की जानकारी थी, लेकिन इसे राष्ट्रपति, कांग्रेस और आम जनता से छिपाया गया।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सार्वजनिक किए गए दस्तावेज ट्रम्प के सभी आरोपों की स्पष्ट पुष्टि नहीं करते। वहीं, 2020 के चुनाव के बाद हुई जांच, ऑडिट, पुनर्गणना और अदालतों की सुनवाई में बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली के प्रमाण नहीं मिले थे।









