मोदी ने जेन-जी से किया 25 मिनट संवाद

‘नाराज फूफाजी’ वाले तंज से सियासी संदेश

6 हजार युवाओं के बीच पहुंचे पीएम मोदी

वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में जेन-जी युवाओं से करीब 25 मिनट संवाद किया। कार्यक्रम में करीब 6 हजार युवाओं को बुलाया गया था। इस दौरान पीएम मोदी ने युवाओं को झूठे दावों और भ्रामक बातों से बचने की सलाह दी।

पीएम मोदी ने कहा कि लोग झूठ की गूंज के जरिए युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन उन्हें सच्चाई के साथ खड़े रहना चाहिए। उनके इस बयान को राहुल गांधी और कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है।

Y आकार के रैंप से युवाओं के बीच पहुंचे

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए खास तौर पर Y आकार का रैंप तैयार किया गया था। भाषण शुरू करने से पहले पीएम मोदी रैंप से होते हुए युवाओं के बीच पहुंचे।

मंच पर पहुंचते ही क्वीन का मशहूर गाना ‘वी विल रॉक यू’ बजाया गया। इसके बाद फिल्म ‘धुरंधर’ का गाना ‘आरी आरी’ भी बजाया गया। कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने पीएम मोदी को उनकी तस्वीर भी भेंट की।

फ्रेट कॉरिडोर पर ‘नाराज फूफाजी’ का तंज

पीएम मोदी ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जिक्र करते हुए ‘नाराज फूफाजी’ वाला तंज भी किया। उन्होंने बताया कि JNPT मुंबई से डबल कंटेनर मालगाड़ी चलने से एक बार में 250 से ज्यादा ट्रकों के बराबर माल मुंबई से वडोदरा पहुंचाया गया।

पीएम ने कहा कि अब ‘नाराज फूफाजी’ पूछेंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा, लेकिन देश के एक कोने से दूसरे कोने तक तेजी से माल पहुंचाने के लिए ऐसी कनेक्टिविटी जरूरी है।

2 हजार किमी फ्रेट कॉरिडोर पूरा

प्रधानमंत्री ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की योजना पर 2004 में विचार शुरू हुआ था और 2006 में इसके लिए विशेष कंपनी बनाई गई। हालांकि, 2014 तक इस परियोजना में फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल तक जाती रहीं।

उन्होंने कहा कि 2014 के बाद उनकी सरकार ने परियोजना को गति दी और करीब 2 हजार किलोमीटर फ्रेट कॉरिडोर का काम पूरा किया।

माल और यात्री ट्रेनों के लिए अलग ट्रैक

पीएम मोदी ने कहा कि पहले यात्री और मालगाड़ियां एक ही ट्रैक पर चलती थीं। इससे दोनों की रफ्तार प्रभावित होती थी। अब डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर रोजाना करीब 430 मालगाड़ियां चल रही हैं।

उन्होंने बताया कि सड़क के रास्ते ट्रक से सामान पहुंचाने में करीब 30 घंटे लग सकते हैं, जबकि फ्रेट कॉरिडोर के जरिए यही सामान करीब 10 घंटे में पहुंचाया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button