अंबेडकरनगर। जिले में पशुपालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए नंदबाबा दुग्ध मिशन योजना शुरू की गई है। योजना के तहत 28 दुग्ध इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य स्वदेशी और उन्नत नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा देकर दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना है।
इस योजना के जरिए किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त आय का साधन उपलब्ध कराने पर फोकस किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में संगठित पशुपालन को मजबूत करने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है।
“दो गायें खरीदो, 80 हजार तक पाओ” — सरकार की नई पहल
योजना के तहत यदि लाभार्थी साहीवाल, हरियाना, थारपारकर या गिर नस्ल की दो गायें खरीदता है, या शासन द्वारा नामित विक्रेताओं से खरीद करता है, तो उसे अधिकतम 80 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा।
इस पहल का उद्देश्य बेहतर दुग्ध उत्पादक नस्लों को बढ़ावा देना और दूध उत्पादन क्षमता को मजबूत करना है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हो सके।
पशुपालन के लिए तय सख्त नियम, तीन साल की जिम्मेदारी जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास पशुओं के रखरखाव के लिए पर्याप्त स्थान होना जरूरी है। साथ ही उसके पास पहले से एक से अधिक देशी नस्ल के गोवंश नहीं होने चाहिए।
लाभार्थी को कम से कम तीन वर्ष तक गोपालन करने का शपथपत्र देना होगा, ताकि योजना का लाभ स्थायी और सही दिशा में उपयोग हो सके।









