- बिहार बंद के दौरान 11 जिलों में हिंसा
- सीवान फायरिंग मामले में बॉडीगार्ड निलंबित
- AK-47 से फायरिंग का आरोप
पटना। छात्रों पर लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 25 जुलाई को बुलाए गए बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस बीच सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर AK-47 से फायरिंग करने के आरोप में एसपी पूरन झा के बॉडीगार्ड अभिषेक पटेल को निलंबित कर दिया गया है।
11 जिलों में हिंसा, सीवान में सबसे ज्यादा बवाल
बिहार बंद के दौरान प्रदेश के 11 जिलों से पथराव, लाठीचार्ज और हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। सबसे अधिक तनाव सीवान में देखने को मिला, जहां प्रदर्शन के दौरान फायरिंग हुई। इस घटना में तीन छात्रों को गोली लगने की बात सामने आई थी।
सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका
सीवान फायरिंग मामले को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। मामले पर अदालत में बुधवार को सुनवाई होने की संभावना है।
राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
घटना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार की आलोचना करते हुए लिखा कि “पूरा सिस्टम ही जानलेवा है।” वहीं, CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने कहा कि छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी।









