नई दिल्ली। देश में एक बार फिर बड़े पर्दे का आकर्षण बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच मल्टीप्लेक्स बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में पिछले वर्ष की तुलना में 21% की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही कुल बॉक्स ऑफिस कारोबार में भी करीब 16 से 17% की बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या (फुटफॉल) में 10 से 12% तक का इजाफा हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वृद्धि का सबसे बड़ा कारण फिल्मों का मजबूत और विविध रिलीज लाइनअप रहा, जिसमें हिंदी के साथ-साथ क्षेत्रीय सिनेमा ने भी अहम भूमिका निभाई।
हिंदी और क्षेत्रीय फिल्मों ने दिखाई ताकत
इस अवधि में हिंदी फिल्मों जैसे ‘धुरंधर 2’ और ‘बॉर्डर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। वहीं, तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों ने भी मजबूत कमाई कर यह साबित किया कि अब दर्शक भाषा से ज्यादा कहानी और सिनेमाई अनुभव को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सीक्वल और फ्रेंचाइजी फिल्मों का दबदबा
2026 में एक बड़ा ट्रेंड यह देखने को मिला कि दर्शकों ने सीक्वल और फ्रेंचाइजी फिल्मों को ज्यादा पसंद किया। ‘धुरंधर 2’, ‘बॉर्डर 2’, ‘दृश्यम 3’, ‘वाझा 2’ जैसी फिल्मों ने बड़े स्तर पर कमाई की और बॉक्स ऑफिस को मजबूती दी।
इसके अलावा 100 से 200 करोड़ रुपये के बीच कमाई करने वाली मिड-बजट फिल्मों की संख्या भी बढ़ी है, जो फिल्म उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
आने वाले समय में और बढ़ोतरी की उम्मीद
मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कमल ज्ञानचंदानी के अनुसार, ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी, मौलिक कहानियां, क्षेत्रीय सिनेमा और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों के संतुलन ने दर्शकों का भरोसा फिर से सिनेमा हॉल की ओर लौटाया है।
वहीं सिनेपोलिस इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर देवांग संपत का कहना है कि यदि साल की दूसरी छमाही में भी इसी तरह मजबूत फिल्मों की रिलीज जारी रही, तो भारतीय थिएटर उद्योग नए रिकॉर्ड स्तर की कमाई हासिल कर सकता है।









