महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इन सांसदों ने बुधवार सुबह लोकसभा अध्यक्ष को विलय संबंधी पत्र भेजा है। हालांकि इस दावे की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, संभावित बागी सांसदों में नागेश पाटिल आष्टीकर और संजय दीना पाटिल के नाम शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि संजय दीना पाटिल ने बुधवार सुबह ही पार्टी छोड़ने की खबरों का खंडन किया था।
इस घटनाक्रम के बीच शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संभावित बागी नेताओं पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सांसदों पर विश्वासघात का आरोप लगाया। बाद में अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि मराठी भाषा में इस प्रकार के शब्द आम बोलचाल का हिस्सा हैं।
गौरतलब है कि जून 2022 में भी शिवसेना में बड़ी टूट हुई थी, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर अलग गुट बना लिया था। उस घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला था।
यदि सांसदों के दल-बदल की खबरें सही साबित होती हैं, तो यह पिछले चार वर्षों में शिवसेना के भीतर दूसरी बड़ी राजनीतिक टूट मानी जाएगी।









