
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने को लेकर समझौता लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच अब केवल आखिरी तकनीकी और कूटनीतिक बिंदुओं पर काम चल रहा है।
ट्रम्प के मुताबिक खाड़ी देशों के नेताओं और Benjamin Netanyahu से बातचीत के बाद समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को दोबारा खोला जा सकता है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि दुनिया के कुल तेल व्यापार का करीब 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
ट्रम्प के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि अगर समझौता फाइनल होता है तो सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है।
ओवल ऑफिस से कई देशों के नेताओं से बातचीत
राष्ट्रपति ट्रम्प ने ओवल ऑफिस से संयुक्त बातचीत करते हुए कई मुस्लिम देशों के नेताओं से संपर्क किया। इनमें Mohammed bin Salman, Mohammed bin Zayed Al Nahyan, Tamim bin Hamad Al Thani, Asim Munir, Recep Tayyip Erdoğan, Abdel Fattah el-Sisi, Abdullah II और Hamad bin Isa Al Khalifa शामिल रहे।
ईरान ने अमेरिका की विश्वसनीयता पर जताया संदेह
दूसरी ओर ईरान ने अमेरिकी रुख पर भरोसा जताने से इनकार किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा कि अमेरिका पहले भी कई बार अपने बयान और नीतियां बदल चुका है। इसलिए तेहरान पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो सकता कि इस बार अमेरिका अपना रुख नहीं बदलेगा।
उन्होंने कहा कि समझौते की स्थिति ऐसी है कि इसे “बहुत करीब भी कहा जा सकता है और बहुत दूर भी।”









