
- रिमांड खत्म होने पर CBI ने आरोपी मां-बेटे को कोर्ट में किया पेश
- कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच हुई तीखी बहस
- जांच एजेंसी ने घटनाक्रम का कराया रीक्रिएशन, सबूतों की जांच जारी
भोपाल। भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आरोपी पति समर्थ और उसकी मां, पूर्व जज गिरिबाला सिंह को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के दौरान CBI ने दोनों आरोपियों की रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि अब उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा।
सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इसी दौरान गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि ट्विशा शर्मा पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने जबलपुर कोर्ट परिसर में उनके बेटे समर्थ के साथ मारपीट की थी।
वकील ने CCTV जांच की मांग की
गिरिबाला के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि जबलपुर कोर्ट में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। यदि ऐसा कोई घटनाक्रम हुआ है तो कोर्ट की फुटेज निकलवाकर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि समर्थ को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह जबलपुर कोर्ट परिसर में कहां छिपे हुए थे। अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि इस सवाल का जवाब भी न्यायालय के समक्ष स्पष्ट हो जाएगा।
आरोपों से इनकार, सबूतों का मिलान जारी
CBI जांच के दौरान आरोपी समर्थ और उसकी मां गिरिबाला सिंह ने अपने ऊपर लगे मारपीट और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज किया है। दोनों का कहना है कि ट्विशा शर्मा के साथ उनके संबंध सामान्य थे और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं।
जांच एजेंसी दोनों आरोपियों के बयानों का उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान कर रही है। सोमवार को पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन भी कराया गया था। इसके अलावा जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी जारी है।
प्रमुख बिंदु
- ट्विशा शर्मा डेथ केस में CBI ने रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की।
- आरोपी समर्थ और गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश किया गया।
- दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की संभावना।
- कोर्ट में वकीलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बहस हुई।
- CBI ने घटनाक्रम का रीक्रिएशन कराया और सबूतों की जांच जारी रखी है।









