अम्बेडकरनगर। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले में समेकित जनकल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान के साथ विकसित कृषि संकल्प अभियान 2026 और खेत बचाओ अभियान का संयुक्त आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक और प्राकृतिक खेती की तकनीकों से जोड़ना रहा।
यह अभियान मंगलवार को विकासखंड टांडा के ग्राम पंचायत रामपुरकलां और हरानपुर सुन्धर, विकासखंड बसखारी के ग्राम पंचायत मंसडा मोहनपुर और उमरापुर मीनापुर तथा विकासखंड जहांगीरगंज के ग्राम पंचायत कोदरापुर और वसंतपुर में आयोजित किया गया।
प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण पर दिया जोर
कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक खेती के तरीकों की जानकारी दी। फसल विविधीकरण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और कृषि यंत्रीकरण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जीवामृत और घन जीवामृत के उपयोग को बढ़ावा देने की सलाह दी। किसानों को बताया गया कि इन प्राकृतिक उपायों से उत्पादन लागत कम की जा सकती है और मिट्टी की उर्वरता भी बेहतर बनी रहती है।
देसी गाय आधारित कृषि पद्धति पर जानकारी
कृषि वैज्ञानिकों ने देसी गाय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गोबर और गोमूत्र आधारित जैविक खाद बनाने की विधि समझाई। किसानों को बताया गया कि इन संसाधनों का उपयोग कर घर पर ही देशी खाद तैयार की जा सकती है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी।









