
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर मेडिकल कॉलेज में जागरूकता सेमिनार
- डॉक्टरों ने तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों की दी जानकारी
- कैंसर, टीबी और फेफड़ों की बीमारी का बढ़ता खतरा बताया
अम्बेडकर नगर। अम्बेडकर नगर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस की साप्ताहिक कार्ययोजना के तहत मंगलवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ मुकेश यादव ने की। सेमिनार में डॉक्टरों ने तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट और गुटखा के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों के बारे में जानकारी दी।
प्रधानाचार्य डॉ मुकेश यादव ने कहा कि तंबाकू का सेवन शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक है। इसके लगातार उपयोग से टीबी, कैंसर और फेफड़ों से जुड़ी कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि तंबाकू शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है, जिससे संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता है।
इस वर्ष की थीम पर हुआ चर्चा
सेमिनार में डॉ उमेश कुमार वर्मा ने बताया कि इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम “आकर्षण का पर्दाफाश करना: तंबाकू और निकोटीन की लत का मुकाबला करना” रखी गई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को तंबाकू उत्पादों से दूर रखने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है।
दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि दुनियाभर में हर वर्ष लाखों लोगों की मौत तंबाकू सेवन के कारण होती है। उन्होंने कहा कि बढ़ते खतरे को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 1987 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाने की घोषणा की थी। शुरुआत में यह दिवस 7 अप्रैल को मनाया गया, लेकिन बाद में 31 मई 1988 से हर साल 31 मई को इसे मनाया जाने लगा।









