नई दिल्ली/इस्लामाबाद। भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से जारी तनावपूर्ण संबंधों के बीच दोनों देशों की 117 प्रमुख हस्तियों ने शांति और संवाद की नई पहल करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संयुक्त पत्र भेजा है। पत्र में दोनों सरकारों से आग्रह किया गया है कि टकराव और अविश्वास की राजनीति से आगे बढ़कर बातचीत का रास्ता अपनाया जाए, ताकि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति, क्षेत्रीय सहयोग और विकास का माहौल बन सके।
संयुक्त पत्र पर भारत और पाकिस्तान के कई पूर्व अधिकारी, राजनीतिक नेता, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रतिष्ठित लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। हस्तियों का मानना है कि दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ता तनाव न केवल द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित करता है, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता और आर्थिक प्रगति पर भी असर डालता है।
भारत और पाकिस्तान की प्रमुख हस्तियों ने किया समर्थन
इस पहल में भारत की ओर से 61 हस्तियों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा सहित कई पूर्व अधिकारी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हैं।
वहीं, पाकिस्तान की ओर से 56 प्रमुख हस्तियों ने इस पत्र का समर्थन किया है। इनमें पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी समेत कई वरिष्ठ राजनयिक, पूर्व सरकारी अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं।
पत्र में क्या कही गई है बात?
पत्र में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों से आग्रह किया गया है कि विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता दी जाए। हस्ताक्षरकर्ताओं का कहना है कि युद्ध, सीमा तनाव और लगातार बढ़ती कटुता का सबसे अधिक असर आम नागरिकों पर पड़ता है। ऐसे में दोनों देशों को विश्वास बहाली के उपाय अपनाने चाहिए और ऐसे कदम उठाने चाहिए जो क्षेत्र में स्थायी शांति और सहयोग को मजबूत करें।









